सरकारी योजनाएं
‘मेगा प्रोजेक्ट्स’ का सच: आम आदमी खाली हाथ

‘मेगा प्रोजेक्ट्स’सरकारी बजट का संकट: ‘मेगा प्रोजेक्ट्स’ और बड़े विज्ञापनों के बीच महंगाई और टूटता सार्वजनिक विश्वास | Hotlink News ‘मेगा प्रोजेक्ट्स’ का सच ये है कि ये केवल राजनीतिक बढ़त के लिए बनाए जाते हैं? जानिए कैसे बढ़ती महंगाई के बीच सरकार की फिजूलखर्ची जनता के मूड को बिगाड़ रही है। विज्ञापनों का मायाजाल और धरातल का शून्य ‘मेगा प्रोजेक्ट्स’ का सच: आज के दौर में किसी भी नई परियोजना का प्रचार-प्रसार उसकी उपयोगिता से कहीं अधिक बड़ा होता है। योजनाओं को इस तरह पेश किया जाता है जैसेRead More
विकास के दर्पण में गायब आम आदमी: क्यों दरक रही जीवन की बुनियादी बुनियाद?

आज जीवन की बुनियाद क्यों दरक रही: विकास के दावों के बीच पिसता आम आदमी | Hotlink News जानिए कैसे भव्य परियोजनाओं और बजटीय दावों के बावजूद धरातल पर बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे जनता में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है। चमक-धमक के पीछे छिपी जमीनी हकीकत अखबार के संपादकीय लेख “आज जीवन की बुनियाद क्यों दरक रही” के अनुसार, विकास का अर्थ केवल ऊंची इमारतें, एक्सप्रेसवे और जगमगाती रोशनी नहीं है। आज सरकारें बड़े बजट की घोषणाएं कर रही हैं, लेकिन धरातल पर आम आदमी के लिए शुद्धRead More
