mahatma gandhi
संपादकीय: राहुल गांधी बनाम महात्मा गांधी—संघर्ष, जिद और जनसंपर्क की राजनीति का तुलनात्मक विश्लेषण

राहुल गांधी बनाम महात्मा गांधी : महात्मा गांधी और राहुल गांधी की तुलना करना अपने आप में एक विवादास्पद विषय है। इतिहास में महात्मा गांधी का स्थान अद्वितीय है। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया और सत्य, अहिंसा तथा जनसंपर्क की राजनीति की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी तुलना करना आसान नहीं है। इसलिए यह कहना कि दोनों समान हैं, इतिहास के संदर्भ में अतिशयोक्ति माना जा सकता है। फिर भी, यदि तुलना केवल राजनीतिक शैली और संघर्ष की प्रकृति तक सीमित रखी जाए, तो कुछ समानताएँ अवश्यRead More
मोहनदास से महात्मा तक: गांधी के बदलते पते

Reborn Manish की फेसबुक वाल से प्रेरित 1869 से 1874 के बीच अगर आप मोहन को पत्र लिखते, तो लिफ़ाफ़े पर पता होता— दीवान हरजीवन रायदास की हवेली, भाटिया बाज़ार, पोरबंदर स्टेट, काठियावाड़ एजेंसी। पिता राजकोट शिफ्ट हुए, तो मोहन की शुरुआती शिक्षा भी वहीं हुई। अब चिट्ठी का नया ठिकाना था— काबा गांधी नो डेलो, राजकोट (सौराष्ट्र)। फरवरी 1887 में भावनगर के शामलदास कॉलेज में दाखिला लिया, पर मन न लगा। 10 अगस्त 1888 को मुंबई से इंग्लैंड के लिए रवाना हुए—लक्ष्य था बैरिस्टरी। 19 सितंबर 1888 को ब्रिटेनRead More
लाल बहादुर शास्त्री: सादगी, साहस और राष्ट्र सेवा का अमर प्रतीक

भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री भारतीय राजनीति के इतिहास में एक ऐसे महापुरुष के रूप में याद किए जाते हैं, जिन्होंने अपनी सादगी, ईमानदारी, अटूट देशप्रेम और दृढ़ नेतृत्व से संपूर्ण राष्ट्र को दिशा दी। मात्र 5 फीट 2 इंच के कद वाले इस महानायक के पास असाधारण नैतिक बल और अडिग इच्छाशक्ति थी। उन्होंने “जय जवान, जय किसान” का अमर नारा देकर भारत के सैनिकों और किसानों के आत्मसम्मान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 कोRead More
महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे: विचार, प्रभाव और 10 प्रमुख उपलब्धियां

आचार्य विनोबा भावे (विनायक नरहरि भावे) आधुनिक भारत के उन विरले विचारकों और समाज सुधारकों में से हैं, जिन्होंने अहिंसा, सेवा और अध्यात्म को अपने जीवन का मूल आधार बनाया। महात्मा गांधी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले विनोबा भावे ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। महात्मा गांधी का प्रभाव और वैचारिक यात्रा जब विनोबा भावे पहली बार महात्मा गांधी से मिले, तो वे बापू के विचारों और उनके आंतरिक व बाह्य जीवन के सामंजस्य से अत्यधिक प्रभावित हुए। गांधीजी केRead More
