2 अक्टूबर
महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे: विचार, प्रभाव और 10 प्रमुख उपलब्धियां

आचार्य विनोबा भावे (विनायक नरहरि भावे) आधुनिक भारत के उन विरले विचारकों और समाज सुधारकों में से हैं, जिन्होंने अहिंसा, सेवा और अध्यात्म को अपने जीवन का मूल आधार बनाया। महात्मा गांधी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले विनोबा भावे ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। महात्मा गांधी का प्रभाव और वैचारिक यात्रा जब विनोबा भावे पहली बार महात्मा गांधी से मिले, तो वे बापू के विचारों और उनके आंतरिक व बाह्य जीवन के सामंजस्य से अत्यधिक प्रभावित हुए। गांधीजी केRead More
सत्य, अहिंसा और युवा: गांधी जयंती पर आत्ममंथन

क्या महात्मा गांधी आज भी प्रासंगिक हैं, या हम केवल उनकी तस्वीर पर माला चढ़ाकर उनके विचारों को भूल चुके हैं? 2 अक्टूबर हमारे लिए केवल महात्मा गांधी की जयंती मनाने की तारीख नहीं है। यह दिन हमें अपने समाज, लोकतंत्र और स्वयं के आचरण को आईने में देखने का अवसर देता है। मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था। आगे चलकर यही व्यक्ति सत्याग्रह और अहिंसा को राजनीतिक संघर्ष की प्रभावशाली पद्धति के रूप में दुनिया के सामने लेकर आया। गांधी की विरासतRead More
