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अहिंसा

 
 

सत्य, अहिंसा और युवा: गांधी जयंती पर आत्ममंथन

क्या महात्मा गांधी आज भी प्रासंगिक हैं, या हम केवल उनकी तस्वीर पर माला चढ़ाकर उनके विचारों को भूल चुके हैं? 2 अक्टूबर हमारे लिए केवल महात्मा गांधी की जयंती मनाने की तारीख नहीं है। यह दिन हमें अपने समाज, लोकतंत्र और स्वयं के आचरण को आईने में देखने का अवसर देता है। मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था। आगे चलकर यही व्यक्ति सत्याग्रह और अहिंसा को राजनीतिक संघर्ष की प्रभावशाली पद्धति के रूप में दुनिया के सामने लेकर आया। गांधी की विरासतRead More