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विकास और महंगाई

 
 

विकास के दर्पण में गायब आम आदमी: क्यों दरक रही जीवन की बुनियादी बुनियाद?

jivan ki buniyad

आज जीवन की बुनियाद क्यों दरक रही: विकास के दावों के बीच पिसता आम आदमी | Hotlink News जानिए कैसे भव्य परियोजनाओं और बजटीय दावों के बावजूद धरातल पर बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे जनता में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है। ​चमक-धमक के पीछे छिपी जमीनी हकीकत ​अखबार के संपादकीय लेख “आज जीवन की बुनियाद क्यों दरक रही” के अनुसार, विकास का अर्थ केवल ऊंची इमारतें, एक्सप्रेसवे और जगमगाती रोशनी नहीं है। आज सरकारें बड़े बजट की घोषणाएं कर रही हैं, लेकिन धरातल पर आम आदमी के लिए शुद्धRead More