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ghumantu ki kalam se

 
 

वाह रे विश्वगुरु, कैसी ट्रेड डील!

वाह रे विश्वगुरु, कैसी ट्रेड डील! अमेरिका से व्यापार भी करना है और सीना भी तानना है—बस शर्तें कौन तय करेगा, यह देश जानना चाहता है! किसानों की फसल, छोटे व्यापारियों का कारोबार और उद्योगों का भविष्य दाँव पर लगाकर अगर कोई समझौता हुआ, तो उसे कूटनीति नहीं, देश के हितों से समझौता कहेंगे। मोदी जी, ज़रा देश को भी बता दीजिए—ट्रेड डील में भारत का फायदा कितना और अमेरिकी दबाव कितना? 😉 🇮🇳 देश पहले, डील बाद में! — घुमन्तू की कलम ✍️ Views: 1