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लखनऊ में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी: खुद के अपहरण की झूठी साजिश रचने वाला डॉक्टर गुजरात से गिरफ्तार

लखनऊ। लखनऊ में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला अपहरण की झूठी साजिश का नया मोड़ ले चुका है। मड़ियांव निवासी बीएएमएस डॉक्टर सत्यरत्न सिंह को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रचकर जांच को भटकाने और शिकायतकर्ताओं के दबाव से बचने की कोशिश की।

आरोप (जांच/मुकदमे का विषय):

पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर को डॉक्टर घर से निकला और बाद में एक परिचित को फोन कर बताया कि कुछ लोग स्कॉर्पियो से उसका पीछा कर रहे हैं। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। डॉक्टर की पत्नी डॉ. शिप्रा यादव ने मड़ियांव थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।

दावा: डॉक्टर सत्यरत्न सिंह ने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये लेकर ठगी की और बाद में खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची।

  • मड़ियांव थाने में डॉक्टर के कथित अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ।
  • पुलिस जांच और सर्विलांस के दौरान डॉक्टर की लोकेशन गुजरात के अहमदाबाद में मिली।
  • पुलिस ने डॉक्टर को अहमदाबाद के एक होटल से बरामद कर गिरफ्तार किया।
  • जांच में अपहरण की कहानी झूठी पाई गई।
  • पुलिस के अनुसार आरोपी पर नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से करोड़ों रुपये लेने के आरोप हैं।
  • लोहिया संस्थान एवं अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर 15–20 लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी।
  • फर्जी अपहरण की साजिश रचकर शिकायतकर्ताओं और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास।

मामले की जांच के दौरान पुलिस और सर्विलांस टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में डॉक्टर की लोकेशन गुजरात के अहमदाबाद में मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची और होटल से उसे सकुशल बरामद कर गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपनी कार लखनऊ में छोड़कर साबरमती एक्सप्रेस से अहमदाबाद गया था। पुलिस के अनुसार, उसने पहचान छिपाकर होटल में ठहरने की कोशिश की थी।

जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी पर लोहिया संस्थान सहित विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से बड़ी रकम लेने के आरोप हैं। पीड़ितों द्वारा पैसे वापस मांगने पर उसने कथित तौर पर खुद के अपहरण की झूठी साजिश रची।

पुलिस जांच में आगे क्या?

पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, कथित सहयोगियों और पीड़ितों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। यदि जांच में और पीड़ित सामने आते हैं, तो मुकदमे में नई धाराएं और आरोप भी जोड़े जा सकते हैं।

स्रोत

  • लखनऊ पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी
  • लाइव हिन्दुस्तान
  • नवभारत टाइम्स
  • अन्य विश्वसनीय समाचार रिपोर्टें

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पाठकों के लिए नोट: इस रिपोर्ट में “आरोप” और “पुष्ट तथ्य” को अलग-अलग प्रस्तुत किया गया है। अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा।

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