उरई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला: वीडियो वायरल होने के बाद 7 MBBS छात्र निलंबित, जुर्माना भी लगा

उरई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का वीडियो वायरल, 7 MBBS छात्र निलंबित, एंटी रैगिंग कमेटी करेगी सख्त कार्रवाई
उरई मेडिकल कॉलेज में रैगिंग : उत्तर प्रदेश के उरई के जालौन स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर MBBS छात्रों के साथ कथित रैगिंग का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच कर सात वरिष्ठ छात्रों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, दोषी छात्रों को एक सप्ताह के लिए शैक्षणिक कक्षाओं, क्लीनिकल ड्यूटी और छात्रावास से निलंबित किया गया है। इसके अलावा प्रत्येक छात्र पर ₹1,000 का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
किन छात्रों पर हुई कार्रवाई?
कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन छात्रों पर कार्रवाई की गई उनमें शामिल हैं:
- वेदांत पांडेय
- प्रियांशु सोनकर
- उदय कुमार
- प्रिंस रावत
- सुशांत बंसल
- राम गणपत
- नवीन
जूनियर छात्र को भी चेतावनी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक जूनियर छात्र वरिष्ठ छात्रों के कहने पर अन्य जूनियर छात्रों को व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश भेज रहा था। कॉलेज प्रशासन ने उसे भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने और किसी भी प्रकार की रैगिंग की सूचना तुरंत एंटी रैगिंग सेल को देने की चेतावनी दी है।
व्हाट्सएप के जरिए हुई कथित रैगिंग
कॉलेज प्रशासन के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला कि वरिष्ठ और जूनियर छात्रों के बीच कथित रैगिंग से जुड़ी बातचीत व्हाट्सएप के माध्यम से हुई थी। इसी आधार पर संबंधित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाएगी
प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि जूनियर छात्रों के लिए अलग छात्रावास की व्यवस्था है और वहां सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। वार्डन नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। इसके बावजूद मोबाइल नंबर साझा करने और वीडियो रिकॉर्ड कर प्रसारित करने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सोमवार को होगी एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि सोमवार को एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। बैठक में रैगिंग रोकने के लिए दंड और अधिक कठोर बनाने सहित अन्य सुरक्षा उपायों पर विचार किया जाएगा। प्रशासन ने दोहराया कि संस्थान में रैगिंग के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति लागू है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भारत में रैगिंग पर कानून क्या कहता है?
भारत में रैगिंग पर UGC एंटी-रैगिंग विनियम, 2009 लागू हैं। मेडिकल कॉलेजों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग प्रतिबंधित है। दोषी पाए जाने पर छात्रों के खिलाफ निलंबन, निष्कासन, छात्रावास से बेदखली, जुर्माना और गंभीर मामलों में पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।
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