Main Menu

तिलोई में कांग्रेस की वापसी की चर्चा, प्रदीप सिंघल की दावेदारी और जनता के भरोसे का सवाल!

तिलोई में कांग्रेस की वापसी की चर्चा!

✍️ घुमन्तू की कलम

राजनीति में इतिहास केवल याद करने के लिए नहीं होता, उससे सीख लेकर भविष्य की दिशा भी तय की जाती है।

2024 में अमेठी ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने स्मृति ईरानी को 1,67,196 वोटों से हराया, जबकि रायबरेली में राहुल गांधी ने 3,90,030 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

इन परिणामों से एक बात समझ आती है—चुनाव में उम्मीदवार के साथ संगठन, कार्यकर्ताओं की मेहनत, स्थानीय जुड़ाव और गठबंधन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

और तिलोई?

तिलोई में कांग्रेस ने 2012 में डॉ. मोहम्मद मुस्लिम के माध्यम से जीत दर्ज की थी। 2022 में प्रदीप सिंघल कांग्रेस के प्रत्याशी रहे और उन्हें 21,978 वोट मिले। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी संसदीय क्षेत्र के तिलोई विधानसभा खंड में किशोरी लाल शर्मा को 1,01,405 वोट मिले, जबकि भाजपा को 83,287 वोट मिले। कांग्रेस की बढ़त 18,118 वोट रही।

ये आँकड़े तिलोई में कांग्रेस के लिए चर्चा और संगठन को मजबूत करने का आधार देते हैं। लेकिन विधानसभा और लोकसभा चुनाव अलग होते हैं—इसलिए लोकसभा की बढ़त को विधानसभा की जीत की गारंटी नहीं माना जा सकता।

प्रदीप सिंघल की दावेदारी पर बात हो, तो उनके पिछले चुनावी अनुभव, स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता, कार्यकर्ताओं से जुड़ाव और जनता के बीच उनके काम को भी सामने रखना चाहिए।

तिलोई में कांग्रेस के भविष्य की चर्चा केवल नारों से नहीं, बल्कि संगठन, जनसंपर्क और ठोस काम के आधार पर होनी चाहिए।

क्योंकि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और चुनावी राजनीति में हर दावे का अंतिम मूल्यांकन मतदाता ही करते हैं।

— घुमन्तू की कलम

Views: 5






Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *