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अखिल भारतीय ब्रह्म समाज के चुनाव हेतु नामांकन प्रपत्र दाखिल, संगठन की एकता और मजबूती पर दिया गया जोर

Brahm Samaj Election Nomination

लखनऊ। अखिल भारतीय ब्रह्म समाज के चुनाव हेतु नामांकन : अखिल भारतीय ब्रह्म समाज के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए नामांकन प्रपत्र दाखिल किए गए। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों, संस्थापक सदस्यों एवं समाज के अनेक गणमान्य सदस्यों की उपस्थिति रही। उपस्थित सदस्यों ने संगठन को अधिक सशक्त, सक्रिय, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने के संकल्प के साथ चुनाव प्रक्रिया में सहभागिता की।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान अध्यक्ष, कार्यवाहक अध्यक्ष, महामंत्री, कार्यवाहक महामंत्री, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, उपमहामंत्री, संगठन मंत्री, संयोजक तथा आय-व्यय निरीक्षक सहित विभिन्न पदों के लिए नामांकन प्रपत्र दाखिल किए जाने की जानकारी दी गई। इस प्रक्रिया को संगठन के लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सहमति, पारदर्शिता और सामूहिक नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

पदाधिकारियों के प्रेरक विचार

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी. पी. अवस्थी ने कहा कि ब्रह्म समाज का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि सत्य, शिक्षा, समानता और मानवीय मूल्यों को समाज में प्रतिष्ठित करना है। संगठन की एकता और मजबूती के लिए सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

राष्ट्रीय महामंत्री श्री देवेन्द्र शुक्ल ने कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति उसके कार्यकर्ताओं, उनकी निष्ठा और सामूहिक प्रयासों में निहित है। चुनाव संगठन को नई ऊर्जा देने और समाजसेवा के कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने का अवसर है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री विजय त्रिपाठी ने कहा कि ब्रह्म समाज को प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अधिक संगठित और प्रभावशाली बनाने के लिए सभी सदस्यों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के निर्वहन पर जोर दिया।

कोषाध्यक्ष श्री गोविन्द मिश्र ने संगठन के आर्थिक कार्यों में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और अनुशासन को आवश्यक बताते हुए कहा कि संगठन की मजबूती के लिए वित्तीय व्यवस्था का सुव्यवस्थित संचालन महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय उपमहामंत्री श्री गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि संगठन की पहुंच समाज के विभिन्न वर्गों तक बढ़ाई जानी चाहिए। आपसी संवाद, सहयोग और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से युवाओं को भी संगठन से जोड़ना आवश्यक है।

कार्यवाहक अध्यक्ष श्री कोमल द्विवेदी ने संगठन में एकता, अनुशासन और कार्यकुशलता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों के सहयोग से समाजहित के कार्यों को नई दिशा दी जा सकती है।

उपाध्यक्ष श्री दया शंकर पाण्डेय ने कहा कि ब्रह्म समाज के मूल सिद्धांत सत्य, न्याय और समानता हैं। संगठन के सभी सदस्यों को इन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।

श्री राम कुमार चौबे ने संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।

संस्थापक सदस्य श्री सुधांशु शुक्ल ने कहा कि अखिल भारतीय ब्रह्म समाज केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, समानता, मानवीय मूल्यों और सामूहिक उत्थान का विचार है। संगठन की स्थापना के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी सदस्यों को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।
अंजनी कुमार दीक्षित, मधुकर पाण्डेय, दिनेश ओझा, प्रेम कुमार मिश्र, विनोद कुमार मिश्र, विकास मिश्र, चन्द्रप्रकाश मिश्र, राम किशोर मिश्र, वेद प्रकाश शर्मा, नवनीत ओझा, शिवकुमार शुक्ल, राम कृष्ण त्रिपाठी, कमलेश पाठक, जनार्दन पांडेय, अच्युतानन्द धर द्विवेदी, आशीष कुमार शुक्ल, अवधेश त्रिवेदी, शशिकान्त पाण्डेय, उज्ज्वल मिश्रा, रमाकान्त शुक्ला, दया शंकर पाण्डेय, अवधेश कुमार अवस्थी, राजीव द्विवेदी, प्रेम तिवारी, अजय तिवारी, राजीव शुक्ला, शैलेन्द्र शुक्ल, कौशिक बनर्जी, मधुकर पाण्डेय, सुधीर कुमार वर्मा, एस. एन. पाण्डेय, रमाशंकर बाजपेई, ओ. पी. तिवारी, वी. के. मिश्रा, शिव शंकर मिश्र, दीपक बेरी आदि उपस्थित रहे!

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