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SC की सुनवाई: मूंगफली बनाम विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस में व्यापारियों और फेरीवालों पर लगाई गई पाबंदियों तथा विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े मामले पर महत्वपूर्ण सुनवाई की। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन में छोटे दुकानदारों, फेरीवालों और दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका की रक्षा करना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के अधिकार और आम जनता की रोजी-रोटी के बीच संतुलन कायम किया जाना चाहिए।

मुख्य बिंदु और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां

  • त्योहारी सीजन और आजीविका की चिंता: CJI सूर्यकांत ने संज्ञान लिया कि दशहरा, दिवाली, करवाचौथ और छठ जैसे बड़े त्योहारों का समय छोटे व्यापारियों के लिए साल का सबसे अहम कारोबार काल होता है। कोर्ट ने कहा कि हम अच्छी तरह समझते हैं कि ऐसे समय में पाबंदियों से दुकानदारों और उनके परिवारों को किन आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है।
  • संतुलन की जरूरत: सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने वर्तमान स्थिति का सटीक विश्लेषण करते हुए टिप्पणी की:“कोई विरोध करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचना चाहता है, तो कोई कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहता है। ये सभी पक्ष हमारे सामने हैं।”
  • मुआवजे और पब्लिक लॉ का अधिकार: NDMC द्वारा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद किए जाने और वेंडर्स पर रोक लगाने के आदेश पर वकीलों ने आपत्ति जताई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य की तरफ से कोई भी गैर-कानूनी कार्रवाई या अनुचित पाबंदी लगाई जाती है, तो अदालत के पास ‘पब्लिक लॉ’ (Public Law) के तहत मुआवजा दिलाने सहित पर्याप्त संवैधानिक शक्तियां मौजूद हैं।
  • काम का भारी बोझ और अगली तारीख: सुनवाई की शुरुआत में CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि अदालतों पर मामलों का अत्यधिक बोझ है और सभी बेंचों को पहले ही दस्तावेज भेजे जा चुके हैं। इसलिए इस मामले पर अब दशहरा की छुट्टियों के बाद 26 या 27 अक्टूबर को विस्तार से सुनवाई होगी। कोर्ट ने सभी पक्षों से संयम और समझदारी बरतने की उम्मीद जताई है।

पृष्ठभूमि: मामला क्या है?

यह पूरा विवाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण उपजा है। व्यापारियों की ओर से पेश वकीलों का तर्क है कि इन लगातार प्रदर्शनों और हालिया प्रशासनिक पाबंदियों के चलते कनॉट प्लेस के दुकानदारों को रोजाना भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे त्योहारी सीजन में कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।

अदालत अब इस मामले पर आगामी 26 या 27 अक्टूबर को आगे की सुनवाई करेगी, जिस पर राजधानी के व्यापारियों और फेरीवालों की निगाहें टिकी हुई हैं।

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