Main Menu

Breaking News: बुंदेलखंड के फक्कड़ पत्रकार और राजनेता जमुना प्रसाद बोस की स्मृति में भव्य सम्मान समारोह

बुंदेलखंड के फक्कड़ पत्रकार और राजनेता जमुना प्रसाद बोस की स्मृति में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किए गए, तारा पाटेकर अपनी बेबाक, फक्कड़पंथी और जनपक्षीय पत्रकारिता के लिए पूरे क्षेत्र में जाने जाते हैं।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • आयोजन स्थल: चरखारी का मंडलगढ़ पैलेस (मोती महल)
  • अध्यक्षता: पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत
  • प्रमुख सम्मान: बुंदेलखंड के प्रसिद्ध फक्कड़ पत्रकार व जुझारू व्यक्तित्व की याद में उरई के गिरजा शंकर स्मृति फाउंडेशन द्वारा विशिष्ट हस्तियों का सम्मान।

सम्मानित हस्तियां एवं श्रेणियां

चरखारी में आयोजित इस गरिमामयी समारोह के दौरान बुंदेलखंड क्षेत्र के चुनिंदा पत्रकारों और संगठनकर्ताओं को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया:

  • लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड: वरिष्ठ पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता तारा पाटकार (गिरजा शंकर स्मृति फाउंडेशन के अध्यक्ष पूर्व जिला जज शक्तिकांत श्रीवास्तव व वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा द्वारा चयनित)।
  • सर्वश्रेष्ठ पत्रकार संगठनकर्ता: संजय मिश्रा (प्रेस क्लब अध्यक्ष, महोबा)।
  • जिले के सर्वश्रेष्ठ पत्रकार: आनंद द्विवेदी (कुलपहाड़, महोबा)।

तारा पाटकर की फक्कड़पंथी पत्रकारिता और जीवन संघर्ष

बुंदेलखंड की धरती ने कई ऐसे बागी, फक्कड़ और निडर कलमकार दिए हैं, जिन्होंने कभी सत्ता और व्यवस्था के सामने घुटने नहीं टेके। इस परंपरा के जीवंत प्रतीक तारा पाटकार अपनी बेबाक, फक्कड़पंथी और जनपक्षीय पत्रकारिता के लिए पूरे क्षेत्र में जाने जाते हैं।

uphub courses
uphub courses
  • फक्कड़पंथी और बेबाक तेवर: तारा पाटकार की पत्रकारिता किसी ऐशो-आराम या चापलूसी का जरिया नहीं रही, बल्कि यह हमेशा आम आदमी, मजदूर, किसान और शोषितों के हक की लड़ाई रही है। उनकी शैली फक्कड़ और फौलादी रही है, जो सत्ता के गलियारों में बैठे जिम्मेदारों को आईना दिखाने का काम करती है।
  • जीवन संघर्ष और वैचारिक प्रतिबद्धता: बुंदेलखंड के जल, जंगल, जमीन और यहाँ के भीषण सूखे-पलायन जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मुखरता से उठाने में उनका जीवन संघर्ष किसी प्रेरणा से कम नहीं है। तमाम विपरीत परिस्थितियों और अभावों के बावजूद उन्होंने अपनी वैचारिक स्वतंत्रता को कभी आंच नहीं आने दी।
  • जमुना प्रसाद बोस के आदर्शों का अक्स: बांदा की जिस महान शख्सियत एवं फक्कड़ राजनेता जमुना प्रसाद बोस की स्मृति में उन्हें यह ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ मिला है, तारा पाटकार का जीवन और संघर्ष भी ठीक उसी निर्भीक और जनहितैषी राजनीतिक-पत्रकारिता की विरासत को आगे बढ़ाने का जीवंत उदाहरण है।

समारोह के मुख्य साक्षी एवं गणमान्य अतिथि

कार्यक्रम में बुंदेलखंड के कई नामचीन साहित्यकार, राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • संतोष पटैरिया (साहित्यकार)
  • सिद्ध गोपाल सेन
  • गया प्रसाद
  • सुमित तिवारी
  • राकेश अग्रवाल
  • राम गोपाल जी
  • फौजी कुलदीप भटनागर

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बांदा की महान शख्सियत एवं सादगी की मिसाल रहे पूर्व मंत्री स्व. जमुना प्रसाद बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

#mahoba #bundelkhand #tarapatekar






Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *