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शाहजहांपुर में स्मार्ट मीटर के विरोध में सड़क पर उतरे संविदा मीटर रीडर, आउटसोर्सिंग में समायोजन और रोजगार सुरक्षा की मांग

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हॉटलिंक न्यूज़ | शाहजहांपुर

सड़क पर उतरे संविदा मीटर रीडर : स्मार्ट मीटर से रोजगार पर संकट! शाहजहांपुर में संविदा मीटर रीडरों का प्रदर्शन, अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश में तेजी से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के बीच शाहजहांपुर के संविदा मीटर रीडरों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की है।

विद्युत संविदा मीटर रीडिंग वर्कर यूनियन, शाहजहांपुर के बैनर तले बड़ी संख्या में मीटर रीडर एकजुट हुए और बिजली विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर रोजगार सुरक्षा तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था में समायोजन की मांग की।
यूनियन का कहना है कि वर्षों से विभाग में कार्यरत संविदा मीटर रीडरों के सामने अब स्मार्ट मीटरों के विस्तार के कारण रोजगार का संकट गहराता जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि सरकार और विभाग उनकी सेवाओं का अनुभव देखते हुए उन्हें वैकल्पिक कार्य उपलब्ध कराए या आउटसोर्सिंग सेवा निगम के माध्यम से नियमित रूप से समायोजित किया जाए।

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क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?

ज्ञापन में कर्मचारियों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए—
वर्षों से कार्यरत मीटर रीडरों का डेटा आउटसोर्सिंग सेवा निगम में फीड किया जाए।
सभी संविदा कर्मचारियों को समय पर वेतन, PF और ESIC जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
स्मार्ट मीटर लगने से यदि मीटर रीडिंग का कार्य समाप्त होता है तो कर्मचारियों को विभाग में अन्य उपयुक्त कार्य दिया जाए।
आउटसोर्सिंग नियमों का पालन करते हुए सभी कर्मचारियों का रिकॉर्ड अपडेट किया जाए, ताकि भुगतान संबंधी समस्याएं समाप्त हों।

रोजगार सुरक्षा पर जताई चिंता

यूनियन नेताओं का कहना है कि अधिकांश मीटर रीडर पिछले 8 से 10 वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। यदि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।


किन अधिकारियों को सौंपा गया ज्ञापन?


ज्ञापन मुख्य अभियंता (बरेली क्षेत्र) तथा अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, जलालाबाद (शाहजहांपुर) को संबोधित किया गया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष आलोक कुमार सहित अजयपाल सिंह, गोविंद सिंह, आरिफ खान और अन्य संविदा मीटर रीडर उपस्थित रहे।

यूनियन की चेतावनी

यूनियन ने कहा कि यदि समय रहते डेटा फीडिंग, समायोजन और रोजगार सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य विभाग का विरोध नहीं, बल्कि अपने रोजगार और परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करना है.

स्मार्ट मीटर परियोजना बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वहीं, दूसरी ओर संविदा मीटर रीडरों का कहना है कि तकनीकी बदलाव के साथ उनके पुनर्वास और रोजगार सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि विभाग कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।






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