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23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला समापन की ओर: बलरामपुर गार्डन में उमड़ी किताबों के प्रेमियों की भीड़, आज और कल के मुख्य आकर्षण

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लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में चल रहे 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला का समापन 11 अक्टूबर 2026 को होने जा रहा है। जानिए मेले के मुख्य आकर्षण, पुस्तक विमोचन, छूट और आगामी कार्यक्रम।

लखनऊ, 10-11 अक्टूबर 2026: राजधानी लखनऊ के अशोक मार्ग स्थित बलरामपुर गार्डन में आयोजित 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले का कारवां अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। कल यानी 11 अक्टूबर 2026 को इस साहित्यिक महाकुंभ का भव्य समापन होने जा रहा है। मेले के अंतिम दिनों में पुस्तक प्रेमियों, साहित्यकारों और शोधार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दूर-दराज से आए पाठकों के उत्साह ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया है।

अन्य शहरों से पहुंचे विशेष पुस्तक प्रेमी और रचनाकार

इस राष्ट्रीय पुस्तक मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसने न केवल स्थानीय पाठकों बल्कि उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से भी साहित्य प्रेमियों को आकर्षित किया:

  • बीकानेर से विशेष आगमन: बीकानेर से 26 पुस्तकों के रचयिता शिवशंकर सैनी खासतौर पर इस मेले में शामिल होने लखनऊ पहुंचे।
  • रंगकर्मी और पाठक: बाराबंकी के रंगकर्मी सुधीर तीसरी बार इस मेले का हिस्सा बने। वहीं सीतापुर के केशव, अपने खीरी के मित्रों राघवेन्द्र और नरेश के साथ आए और लगभग नौ हजार रुपये की विभिन्न पुस्तकें खरीदीं।
  • साहित्यिक सहभागिता: बदायूं से कवयित्री सोनरूपा विशाल विशेष साहित्यिक आयोजनों के लिए इस मेले में शामिल हुईं।
  • युवाओं का रुझान: स्टालधारक राकेश और अतुल माहेश्वरी ने साझा किया कि इस वर्ष मेले में युवा पुस्तक प्रेमियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
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भारी छूट और विशेष प्रकाशन

पाठकों को लुभाने के लिए विभिन्न प्रकाशनों द्वारा आकर्षक छूट दी जा रही है। मेले में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है और समय सुबह 11:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक है। सामान्यतः हर पुस्तक पर न्यूनतम 10% की छूट मिल रही है, जबकि कुछ प्रमुख स्टालों पर यह छूट 50% से 75% तक है:

  • ज्योति बुक्स: कॉफी टेबल बुक्स पर 50% से 75% तक की भारी छूट।
  • नमन प्रकाशन: 50% की छूट।
  • उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान: 15% की छूट।
  • प्रकाशन विभाग: 2019 से पहले की पुस्तकों पर 50% तक की छूट।
  • हिन्दी वांग्मय निधि: स्थानीय प्रकाशकों के इस स्टाल पर लखनवी संस्कृति और व्यक्तित्वों से जुड़ी 45 विशेष पुस्तिकाएं उपलब्ध हैं।

प्रमुख विमोचन, सम्मान और बौद्धिक सत्र

मेले के मंच पर शनिवार का दिन विमोचन और सम्मान समारोहों के नाम रहा।

  1. ट्रिब्यून सम्मान समारोह: केपी सिंह के संयोजन में आयोजित ‘दि ट्रिब्यून’ के समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. आर.के. विश्वकर्मा, सुधीर मिश्रा, राजेश कुमार, दिनेश कुमार सहगल व मनोज सिंह चंदेल ने चिकित्सा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले दर्जनों विशिष्टजनों (जैसे डॉ. एस.एन. गुप्ता, डॉ. ममता गुप्ता, प्रो. अभिजीत चंद्रा, डॉ. दर्शन कपूर आदि) को स्मृतिचिन्ह और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
  2. प्रमुख पुस्तकें चर्चा में: वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्र की वाणी प्रकाशन से प्रकाशित चर्चित कृति ‘दिल्ली दरबार’ पाठकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वहीं, जनवीणा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित डॉ. अभिनव दीक्षित की पुस्तक ‘हिडेन वेटलैण्ड्स’ (Hidden Wetlands) का विमोचन डॉ. एस.के. गोपाल के संयोजन में संपन्न हुआ, जिसके बाद शानदार रचना पाठ हुआ।
  3. मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता: एमिटी विश्वविद्यालय के क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग द्वारा सहायक प्रोफेसर अंशुमा दुबे के मार्गदर्शन में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसे आगंतुकों की भरपूर सराहना मिली।

आज के मुख्य आकर्षण (11 अक्टूबर, समापन दिवस):

  • सुबह 11:00 बजे: सम्मान समारोह – नवसृजन
  • अपराह्न 12:30 बजे: लघुकथा सम्मेलन
  • अपराह्न 2:00 बजे: पुस्तक विमोचन – रमाकांत संस्थान
  • अपराह्न 3:00 बजे: पुस्तक विमोचन – डॉ. अमिता दुबे
  • शाम 5:00 बजे: समापन समारोह – मेला समिति
  • शाम 6:30 बजे: संगीत कार्यक्रम – सांत्वना तिवारी
  • शाम 7:30 बजे: दास्तानगोई – अरशाना अज्मत
  • क्रिएटिव लाउंज-2 पर विशेष आयोजन:
    • शाम 5:00 बजे: एल्बम लॉन्चिंग – ‘तू मेरी धड़कन’
    • शाम 6:00 बजे: डांडिया नाइट






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