जंतर मंतर पार्ट-2 : वर्तमान समय में दिल्ली के जंतर मंतर और देश के अन्य हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों (जैसे कि एंटी-सीईसी/सीजेपी प्रोटेस्ट और विभिन्न राजनीतिक-सामाजिक आंदोलनों) को लेकर मीडिया और ऑनलाइन पोर्टलों पर चर्चा तेज है। दी गई छवियों और समाचार कतरनों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें विभिन्न मीडिया स्रोतों और सोशल/डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की खबरों को संकलित किया गया है।
विभिन्न समाचार स्रोतों और पोर्टलों से संकलित विवरण
अध्याय – १९ सम्बन्धों का अर्थ है, सत्य, प्रेम, विश्वास व त्याग की नींव पर बनी दीवारों को पकड़े, धर्म की छत से (१९ अक्टूबर, १९९४) मनुष्यों में सम्बन्ध इसलिये बनाये गये थे कि जिसके द्वारा मनुष्य अपनी मर्यादा में रह सके. यह भी सत्य है कि जो संबंध, जिन्हें तुम्हारे संसार में सम्बन्ध कहा जाता है, वे मेरे बनाये नहीं हैं. मगर इनको जिन्होंने भी आरम्भ में बनाया वे थे आरम्भ में जिन्होंने धरती पर मनुष्यों को किस तरह रहना चाहिये, किस धर्म का पालन करना चाहिये, समाज याRead More
जन-भरोसा और पूर्व जजों का पत्र : 42 पूर्व न्यायाधीशों द्वारा चुनाव आयोग (ECI) पर विपक्ष के हमलों को लेकर लिखा गया खुला पत्र एक बार फिर देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख और उनकी भूमिका पर एक गंभीर बहस को जन्म देता है। पत्र में पूर्व जजों ने चेतावनी दी है कि बिना पुख्ता सबूतों के चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कटघरे में खड़ा करने से लोकतंत्र में जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है। निश्चित रूप से, लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्थाएँRead More
डबल इंजन सरकार अतंरराष्ट्रीय या राजनीतिक अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी नई दिल्ली: विपक्षी दलों के रवैये और विरोध प्रदर्शन के तरीकों पर तीखा प्रहार करते हुए एक तीखा बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि लोकतांत्रिक विरोध की भी अपनी एक सीमा होती है, लेकिन आज कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी मर्यादा भूल चुके हैं।. प्रमुख बिंदु:
हॉटलिंक न्यूज (Hotlink News) के लिए विशेष इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट एल नीनो (El Niño) इफेक्ट क्या है? मौसम के मिजाज और ग्लोबल क्लाइमेट पर इसका असर देशभर में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है—कहाँ पहाड़ों पर बारिश की हलचल है, तो कहीं अक्टूबर के मध्य में भी मानसून की विदाई और नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखा जा रहा है। मौसम में हो रहे इन बड़े बदलावों के पीछे ग्लोबल वेदर पैटर्न, खासकर ‘एल नीनो’ (El Niño) की सक्रियता एक बड़ा कारण बनी हुई है। आइए गहराई से समझतेRead More
(एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट) राम जन्मभूमि मुक्ति और मंदिर निर्माण, पर्दे के पीछे के सूत्रधार : अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला करोड़ों सनातनियों के लिए आस्था की विजय है।मुख्यधारा का इतिहास और राजनीतिक मंच आमतौर पर इस संघर्ष का श्रेय कुछ चुनिंदा संगठनों और नेताओं को देते हैं। लेकिन, हाल ही में कानपुर में आयोजित अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह के दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय द्वारा किए गए खुलासों ने इस आंदोलन के कई अनछुए औरRead More
1. द हिंदू (The Hindu / ANI / जागृति चंद्र की रिपोर्ट)
“Anti-CEC protest: What happened moments before CJP leaders were detained inside AI 2428”
रिपोर्ट अंश: “शनिवार (10 अक्टूबर 2026) को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2428 के लैंड होते ही दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ (CISF) के जवानों ने विमान के अंदर प्रवेश किया। सीट पर बैठे सीजेपी (CJP) संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के भीतर ही हिरासत में ले लिया गया।”
सुरक्षा एजेंसी और एयरलाइन विवाद: “इस कार्रवाई से एयर इंडिया हैरान रह गई और उसने ब्यूरो ऑफ सिविल एविऐशन सिक्योरिटी (BCAS) को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा कि पुलिस को विमान के अंदर जाने की अनुमति कैसे दी गई और एयरलाइन को पहले से सूचित क्यों नहीं किया गया।”
2. गल्फ न्यूज (Gulf News / बलराम मेनन की रिपोर्ट)
“Delhi Police Detain CJP Founder Abhijeet Dipke from Flight Ahead of Jantar Mantar Protest”
रिपोर्ट अंश: “विमान के अंदर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें सीजेपी नेता अभिजीत दिपके पुलिस अधिकारियों से सवाल करते दिखे, ‘आप हमारे बाहर निकलने का इंतजार कर सकते थे। आइए, हमें गिरफ्तार कीजिए, हम डरते नहीं हैं।’ दिपके ने इस कार्रवाई की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय लागू आपातकाल से की और इसे तानाशाही करार दिया।”
The Hindu online
3. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस (The New Indian Express / TNIE Online Desk)
“Delhi Protest LIVE: Over 7,000 detained during CJP’s anti-CEC stir”
रिपोर्ट अंश: “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विशाल सुरक्षा घेरा बनाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जंतर मंतर और राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों से 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।”
छात्र और सामाजिक संगठनों का समर्थन: “नागरिक अधिकार संगठन ‘जन हस्तक्षेप’ और मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कार्रवाई की कड़ी निंदा की। वहीं, SFI, AISF और AIYF जैसे छात्र संगठनों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर मार्च निकालने की कोशिश की।”
4. द इकोनॉमिक टाइम्स (The Economic Times / Live Updates)
“Delhi Protest Today LIVE Updates: Supreme Court to hear contempt plea”
रिपोर्ट अंश: “यूट्यूबर ध्रुव राठी (Dhruv Rathee) को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से दिल्ली व गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त टीम ने हिरासत में लिया, ताकि वे दिल्ली के विरोध प्रदर्शन में भाग न ले सकें। इसके अलावा, मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान से तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, तुषार गांधी और अभिनेता इमरान खान समेत 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।”
परिवहन और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: “दिल्ली में 46 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ठप कर दी गई। इस परिवहन बंदी (Transit Shutdown) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर शीर्ष अदालत रविवार को विशेष सुनवाई के लिए सहमत हुई है।”
the guardian image
5. द गार्डियन (The Guardian) और डिजिटल मीडिया:
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और अंतरराष्ट्रीय पोर्टलों जैसे ‘द गार्डियन’ के इंटरफेस तथा अन्य डिजिटल माध्यमों पर निजता नीतियों, कुकीज और ऑनलाइन गतिविधियों के बीच इन लाइव प्रदर्शनों की कवरेज को प्रमुखता से ट्रैक किया जा रहा है।
सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन पोर्टल्स:
सोशल मीडिया पर ध्रुव राठी (Dhruv Rathee), अजिंक्य शिंदे (Ajinkya Shinde), सौरव दास (Saurav Das) और अन्य चर्चित चेहरों की हिरासत या गिरफ्तारी से जुड़ी खबरों को लेकर यूजर्स द्वारा लगातार सर्च किया जा रहा है।
दिल्ली के विभिन्न मेट्रो स्टेशनों के बंद होने, जंतर मंतर पर लाइव अपडेट्स और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इंटरनेट पर कयासों और समाचारों का बाजार गर्म है।
जंतर मंतर पार्ट-2 के तहत हो रहे इन प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजधानी से लेकर देश के अन्य हिस्सों तक राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। मुख्यधारा के समाचार पत्रों (जैसे द हिंदू) और विभिन्न डिजिटल/वीडियो स्रोतों से मिली कतरनों के मुताबिक, प्रशासनिक सख्ती, नेताओं की हिरासत (जैसे CJP नेताओं की गिरफ्तारी) और एयरलाइंस से जुड़े सुरक्षा विवाद इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य केंद्र बिंदु बने हुए हैं।