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स्पेशल ग्राउंड रिपोर्ट: 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार ने झोंकी पूरी ताकत, पटरियों पर उतरी पुलिस; वायरल वीडियो से मची खलबली!

10 अक्टूबर के प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार ने झोंकी पूरी ताकत : दिल्ली बॉर्डर से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार तक के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

नई दिल्ली / लखनऊ: 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार ने झोंकी पूरी ताकत : 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में होने वाले विशाल विरोध प्रदर्शन को लेकर पूरे देश का माहौल गरमा चुका है। चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ ‘दिल्ली चलो’ और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए प्रशासनिक अमले और पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।

1. 10 अक्टूबर प्रदर्शन की मुख्य वजह और मांग

मुख्य विपक्षी दलों, युवा संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन का फैसला लिया गया है।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर है।

इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर जुटने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शहर भर में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है।

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2. ट्रेनें रद्द, मेट्रो स्टेशन बंद और हाई अलर्ट

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने और स्टेशनों पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे और दिल्ली पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं:

  • ट्रेनों का निरस्तीकरण: नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली दर्जनों मेल/एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को अचानक रद्द या रीशेड्यूल किया गया है। उत्तर प्रदेश से चलने वाली तेजस एक्सप्रेस, लखनऊ मेल और मुंबई-दिल्ली राजधानी जैसी प्रमुख ट्रेनें भी इससे प्रभावित हुई हैं।
  • मेट्रो ऑपरेशंस पर पाबंदी: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो (DMRC) से एहतियातन 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का अनुरोध किया। हालाँकि, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देते हुए कहा कि आम जनता की आवाजाही पूरी तरह ठप करना सही नहीं है।
  • भारी पुलिस बल की तैनाती: दिल्ली सीमाओं और स्टेशनों पर 23,000 से अधिक जवानों और पैरामिलिट्री बलों को तैनात किया गया है।

3. रेलवे पटरियों पर हंगामा: “Do Not Touch Me, I Am Going to Put an FIR on All of You!”

प्रदर्शन को रोकने के लिए चलाए जा रहे धर-पकड़ अभियान के दौरान देश के कई हिस्सों से पटरियों और स्टेशनों पर विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रेलवे पटरियों पर एक महिला प्रदर्शनकारी को महिला पुलिसकर्मी हिरासत में लेने की कोशिश कर रही हैं।

  • वीडियो में महिला पुलिसकर्मियों को चिल्लाकर सख्त लहजे में चेतावनी देती नजर आती है: “Do not touch me! Do not touch me! I am going to put an FIR on all of you!” (मुझे छुओ मत! आप लोग मुझे छुओ मत, मैं आप सभी पर FIR दर्ज करवाऊंगी!)।
  • इसके बावजूद महिला पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को रेलवे ट्रैक से हटाते और हिरासत में लेते दिख रहे हैं।

4. राजनीति और अदालती मोड़

10 अक्टूबर के इस प्रदर्शन पर सियासत भी चरम पर है:

  • विपक्ष का आरोप: विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार जनता की आवाज दबाने के लिए आपातकाल जैसी स्थितियां पैदा कर रही है और ट्रेनों को रोककर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है।
  • प्रशासन का पक्ष: दिल्ली पुलिस और रेलवे प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को सुचारू रखने के लिए यह कदम उठाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

10 अक्टूबर का यह विरोध प्रदर्शन अब केवल एक राजनीतिक मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी टकराव का रूप ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट की नजर भी इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।






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