“BSNL के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?”(Why this unfair and discriminatory treatment towards BSNL?) – पूर्व एजीएम एन.डी. राम
नई दिल्ली (प्रेस क्लब ऑफ इंडिया): “BSNL के साथ सौतेला व्यवहार क्यों?” (Why this unfair and discriminatory treatment towards BSNL?) : सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) की वर्तमान स्थिति, कर्मचारियों की अनदेखी और कंपनी के वित्तीय भविष्य को लेकर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान BSNL के पूर्व एजीएम (AGM) एन.डी. राम ने कंपनी की कार्यप्रणाली, निजी ऑपरेटरों की नीतियों और BSNL कर्मचारियों के लंबे समय से अटके वेज रिवीजन पर केंद्र सरकार और प्रबंधन को आड़े हाथों लिया।
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पूर्व एजीएम एन.डी. राम ने कर्मचारियों के लंबित वेज रिवीजन और सरकारी नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल
1. आपदा और दुर्गम इलाकों में सिर्फ BSNL का सहारा
एन.डी. राम ने कहा कि BSNL केवल एक व्यापारिक संस्था नहीं, बल्कि देश की सामाजिक और सामरिक रीढ़ है। उन्होंने कहा:
- चाहे देश के दूर-दराज के पहाड़ी इलाके हों या घने जंगल, जहाँ केवल एक व्यक्ति भी रहता है, BSNL वहाँ तक संचार सेवा पहुँचाने का काम करता है।
- किसी भी राष्ट्रीय आपदा या प्राकृतिक संकट के समय BSNL ही सबसे पहले मौके पर पहुँचकर रेस्क्यू ऑपरेशन और संचार व्यवस्था बहाल (Restore) करता है।
- निजी टेलीकॉम ऑपरेटर केवल उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जहाँ भारी मुनाफा (Revenue) होता है, जबकि घाटे वाले और कठिन ग्रामीण इलाकों में काम करने की जिम्मेदारी हमेशा BSNL पर डाल दी जाती है।
2. गैर-लाभकारी प्रोजेक्ट्स देकर BSNL को घाटे में धकेलने का आरोप
पूर्व एजीएम ने आरोप लगाया कि BSNL को अप्रत्यक्ष रूप से बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन द्वारा BSNL को ऐसे प्रोजेक्ट्स आवंटित किए जाते हैं जिनसे कोई व्यावसायिक मुनाफा संभव ही नहीं है। जब BSNL से ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम कराया जाएगा जहाँ से वित्तीय रिटर्न नहीं आता, तो कंपनी कभी मुनाफे में नहीं आ पाएगी और इसे आधार बनाकर कर्मचारियों को उनके हक से वंचित रखा जा रहा है।
3. 2007 के बाद से अटका वेज रिवीजन: 3rd PRC की अनदेखी
कर्मचारियों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताते हुए एन.डी. राम ने हैरान करने वाले आंकड़े सामने रखे:
- BSNL कर्मचारियों का अंतिम वेज रिवीजन (Wage Revision) साल 2007 में हुआ था।
- देश में जहाँ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th CPC) की चर्चा और योजनाएं बन रही हैं, वहीं BSNL कर्मचारी आज भी 2007 में तय किए गए सैलरी स्केल पर काम करने को मजबूर हैं।
- 2017 में देय (Due) तीसरा पे रिवीजन (3rd PRC) आज तक लागू नहीं किया गया है।
- जल्द ही 2027 में चौथे पे रिवीजन का समय आ जाएगा, लेकिन कर्मचारी अब भी 3rd PRC के लाभ का इंतजार कर रहे हैं।
4. “250 PSUs में BSNL के साथ ही ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों?”
अपने वक्तव्य के अंत में एन.डी. राम ने कड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि देश के 250 से अधिक सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में BSNL को हमेशा ‘रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण’ (Strategic Company) माना जाता है। फिर भी BSNL और इसके कर्मचारियों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने मीडिया और देश की जनता से अपील की कि वे दूरसंचार क्षेत्र में हुए उदारीकरण और निजी ऑपरेटरों की असल कार्यप्रणाली का निष्पक्ष विश्लेषण करें।
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