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अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- “2029 में लगातार चौथी हार के लिए तैयार रहें राहुल गांधी”

नई दिल्ली | हॉटलिंक न्यूज़ (खबरों की खबर)

2029 में लगातार चौथी हार के लिए तैयार रहें राहुल गांधी : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए दावा किया है कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगा, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी बार हार का सामना करना पड़ेगा।

दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी दल एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर घुसपैठियों को बचाने की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन जनता इस रणनीति को समझ चुकी है।

उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में भी भाजपा को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा और कांग्रेस को एक बार फिर निराशा हाथ लगेगी।

शाह ने क्या कहा?

अमित शाह के अनुसार,

“मैं राहुल गांधी और उनके सहयोगियों से कहना चाहता हूं कि वे 2029 में करारी हार के लिए तैयार रहें। देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि हाल के चुनावी परिणामों ने यह संकेत दिया है कि भाजपा के प्रति जनता का विश्वास बरकरार है।

किन राज्यों का किया उल्लेख?

अमित शाह ने त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल और असम की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन राज्यों में मिले जनसमर्थन ने यह साबित किया है कि भाजपा और एनडीए की स्वीकार्यता बनी हुई है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस की ओर से अमित शाह के इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2029 के चुनाव को लेकर बयानबाज़ी का दौर अभी और तेज़ हो सकता है।

राजनीतिक महत्व

लोकसभा चुनाव 2029 अभी दूर हैं, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ने राजनीतिक संदेश देना शुरू कर दिया है। एक ओर भाजपा आगामी चुनावों में लगातार तीसरी सरकार के बाद चौथे कार्यकाल का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष सरकार की नीतियों को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। आने वाले महीनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है।

(यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक बयानों और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। इसमें नेताओं के दावों को उनके कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।)






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